आदिवासियों को दमन के विरुद्ध खड़ा करने वाले बिरसा का जल्द बनेगा नया रिकॉर्ड

आदिवासियों को दमन के विरुद्ध खड़ा करने वाले बिरसा का जल्द बनेगा नया रिकॉर्ड

By: Chandra Mani
June 10, 09:06
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RANCHI : झारखंड में भगवान के रूप में जाने वाले बिरसा मुंडा एक आदिवासी नेता और लोकनायक थे। उन्होंने अंग्रेजों के जुल्म का खुलकर विरोध किया था। जिसे आज लोग भगवान बिरसा कहते हैं।

रांची के पास बुंडू में इनकी विश्व की सबसे ऊंची 150 फीट प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ उलगुलान) बनेगी। यह एक रिकॉर्ड होगा। इसके लिए शुक्रवार को भूमि पूजन और पत्थरगड़ी किया गया। बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि 9 जून को है।

आज के ही दिन उनकी 150 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने के लिए भूमि पूजन किया गया। बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर, 1875 ई. में हुआ था। आदिवासियों को अंग्रेजों के दमन के विरुद्ध खड़ा करके बिरसा मुंडा ने उन्हें आजादी दिलाई थी।

19वीं सदी में बिरसा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक मुख्य कड़ी साबित हुए थे। बिरसा का बचपन अपने घर में, ननिहाल में और मौसी की ससुराल में बकरियों को चराते हुए बीता।


बाद में उन्होंने कुछ दिन तक चाईबासा के एक स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। पर स्कूलों में उनकी आदिवासी संस्कृति का जो उपहास किया जाता था, वह बिरसा को सहन नहीं हुआ। उन्होंने स्कूल छोड़ दिया।
 

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